Aarti kunj bihari ki lyrics | आरती कुंजबिहारी की

Aarti kunj bihari ki lyrics
Aarti kunj bihari ki lyrics

श्री कृष्ण की पवन आरती

आज हम आप सभी के लिए श्री कृष्ण की पावन आरती आरती श्री कुंज बिहारी की (Aarti kunj bihari ki lyrics) भक्तिमय आरती पेश करने जा रहे हैं जो लोग हिंदू धर्म को मानते हैं और हिंदू धर्म में अटूट आस्था रखते हैं वे श्री कृष्ण की महिमा से भलीभांति परिचित हैं, श्री कृष्ण को प्रेम का प्रतीक माना गया है और उनकी इस पावन आरती से सारा वातावरण सुखमय और भक्तिमय में हो जाता है।

आमतौर पर हर कृष्ण के मंदिर में उनकी पूजा अर्चना करते समय इस आरती का प्रयोग किया जाता है पर मुख्यतः इस आरती का प्रयोग जन्माष्टमी के उपलक्ष पर किया जाता है अगर आप भी अपने घर में श्री कृष्ण की पूजा करते हैं तो हमारा आप सभी से आग्रह होगा कि जन्माष्टमी के समय श्री कृष्ण की आरती करते समय शंखनाद और घंटी बजाते हुए पूरे परिवार के संग इस Aarti kunj bihari ki lyrics का गुणगान करें और श्री कृष्ण से अपने और अपने परिवार के सुखद और सफल जीवन की कामना करें।

Aarti kunj bihari ki lyrics in hindi

Aarti kunj bihari ki lyrics in hindi
Aarti kunj bihari ki lyrics in hindi

आरती कुंजबिहारी की
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की
आरती कुंजबिहारी की
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की॥

गले में बैजंती माला
बजावै मुरली मधुर बाला
श्रवण में कुण्डल झलकाला
नंद के आनंद नंदलाला
गगन सम अंग कांति काली
राधिका चमक रही आली
लतन में ठाढ़े बनमाली
भ्रमर सी अलक, कस्तूरी तिलक,
चंद्र सी झलक,
ललित छवि श्यामा प्यारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
॥ आरती कुंजबिहारी की॥

कनकमय मोर मुकुट बिलसै
देवता दरसन को तरसैं
गगन सों सुमन रासि बरसै
बजे मुरचंग, मधुर मिरदंग,
ग्वालिन संग,
अतुल रति गोप कुमारी की
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
॥ आरती कुंजबिहारी की॥

जहां ते प्रकट भई गंगा,
सकल मन हारिणि श्री गंगा
स्मरन ते होत मोह भंगा
बसी शिव सीस, जटा के बीच,
हरै अघ कीच,
चरन छवि श्रीबनवारी की
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की
॥ आरती कुंजबिहारी की॥

चमकती उज्ज्वल तट रेनू
बज रही वृंदावन बेनू
चहुं दिसि गोपि ग्वाल धेनू
हंसत मृदु मंद, चांदनी चंद,
कटत भव फंद,
टेर सुन दीन दुखारी की,
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
॥ आरती कुंजबिहारी की॥

आरती कुंजबिहारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की
आरती कुंजबिहारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

Aarti kunj bihari ki lyrics in hindi in english

Aarti Kunj Bihari Ki
Shri Girdhar Krishna Murari Ki
Aarti Kunj Bihari Ki
Shri Girdhar Krishna Murari Ki ॥

Gale Mein Baijanti Mala
Bajave Murali Madhur Bala
Shravan Mein Kundal Jhalakala
Nand Ke Anand Nandlala
Gagan Sam Ang Kanti Kali
Radhika Chamak Rahi Aali
Latan Mein Thadhe Banamali
Bhramar Si Alak, Kasturi Tilak
Chandra Si Jhalak
Lalit Chavi Shyama Pyari Ki
Shri Girdhar Krishna Murari Ki

Kanakmay Mor Mukut Bilse
Devata Darsan Ko Tarse
Gagan So Suman Raasi Barse
Baje Murchang, Madhur Mridang,
Gwaalin Sang
Atual Rati Gop Kumari Ki
Shri Girdhar Krishna Murari Ki

Jahaan Te Pragat Bhayi Ganga
Sakal Man Haarini Shri Ganga
Smaran Te Hot Moh Bhanga
Basi Shiv Shish, Jataa Ke Beech
Harei Agh Keech
Charan Chhavi Shri Banvaari Ki
Shri Girdhar Krishna Murari Ki

Chamakati Ujjawal Tat Renu
Baj Rahi Vrindavan Benu
Chahu Disi Gopi Gwaal Dhenu
Hansat Mridu Mand, Chandani Chandra
Katat Bhav Phand
Ter Sun Deen Dukhari Ki
Shri Girdhar Krishna Murari Ki

Aarti Kunj Bihari Ki
Shri Girdhar Krishna Murari Ki
Aarti Kunj Bihari Ki
Shri Girdhar Krishna Murari Ki ॥

निष्कर्ष

श्री कृष्ण को अर्पित यह aarti kunj bihari ki lyrics अत्यंत मधुर और भक्तिमय आरती है और हमें पूरी उम्मीद है कि आप सभी को श्री कृष्ण को अर्पित यह पावन आरती काफी पसंद आई होगी और आप सभी इस आरती का उपयोग श्री कृष्ण की पूजा अर्चना करते वक्त अवश्य करेंगे.

श्री कृष्णा आप सभी का कल्याण करें

राधे राधे

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