बुखार उतारने का मंत्र, 04 दिव्य मंत्र और टोटका

04 दिव्य मंत्र और टोटका की संपूर्ण विधि

बुखार उतारने का मंत्र

आज के हमारे इस लेख में हम आप सभी पाठकों के लिए बुखार उतारने का मंत्र और टोटका की संपूर्ण विधि बताने जा रहे हैं, जिसका उपयोग करके आप अपना या अपने किसी सगे संबंधी या रिश्तेदार का बुखार उतारने या ठीक करने में सहायक सिद्ध हो सकते हैं। आज के हमारे इस अध्याय में हम आपको जो बुखार उतारने का मंत्र बताने जा रहे हैं यह काफी कारगर सिद्ध होता है बुखार दूर करने में पर फिर भी हमारा आप सब से विनम्र निवेदन है कि सर्वप्रथम अपने वैद्य या डॉक्टर से परामर्श अवश्य करें और उनकी बताई गई दवाइयों का सेवन समय पर करें और साथ ही इन मंत्रों का भी प्रयोग करें जिससे आपको 100% पूर्ण राहत प्राप्त हो।

भारतवर्ष एक ऐसा देश है जहां धर्म को अत्यधिक मान्यता दी जाती है और यही एक कारण है कि आज भी हमारे देश में लोग वैदिक या तांत्रिक मंत्रों का उपयोग करके अपने जीवन में आने वाली कई सारी समस्याओं का समाधान निकालने की कोशिश करते हैं और उसमें सफलता भी प्राप्त करते हैं। आदिकाल में मंत्रों के उपयोग से कई तरह की बीमारियों और रोगों को ठीक किया जाता था पर आज के इस आधुनिक युग में लोग मंत्रों से ज्यादा विज्ञान पर भरोसा करते हैं।

आज जो मंत्र हम आपको बताने जा रहे हैं यह काफी सरल मंत्र है और इसका घर पर ही उपयोग करके आप बुखार उतारने का सफल प्रयास कर सकते हैं। तो चलिए जान लेते हैं कि बुखार उतारने का मंत्र का प्रयोग आप किस प्रकार से अपने घर में कर सकते हैं।

बुखार उतारने का मंत्र

बुखार उतारने का मंत्र

यह बुखार उतारने का मंत्र काफी अधिक शक्तिशाली है और तीव्र असर दिखाता है ,इस मंत्र का उपयोग आज भी भारत के गांव देहात में किया जाता है और सफलतापूर्वक बुखार को रोगी के शरीर और मस्तिष्क से दूर किया जाता है।

बुखार उतारने के लिए इस मंत्र का उपयोग करना काफी सरल है। सर्वप्रथम एक लोटे में शुद्ध जल भर ले और उसमें तीन तुलसी की पत्ती और एक चुटकी हल्दी डालें और फिर नीचे दिए गए इस मंत्र का 51 बार जाप करें और लोटे के जल के ऊपर 11 बार फूंक मारे, ऐसा करने से वह जल अभिमंत्रित हो जाएगा अब इस जल को रोगी को पिलाएं और जल को पीने के बाद तीन तुलसी के पत्ते भी खाने को दें।

॥ॐ महाकालिनी सर्वरोगनाशिनी, ज्वरो यति दशो दिशः॥

बुखार उतारने के इस मंत्र से रोगी के अंदर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और तुलसी और हल्दी से रोग निवारण क्षमता शरीर में उत्पन्न होती है जिससे अति शीघ्र बुखार का असर शरीर से कम होने लगता है। प्रायः इस मंत्र के उपयोग के 2 या 3 दिन के भीतर ही रोगी को बुखार से छुटकारा मिलता है फिर भी हमारा आपसे आग्रह होगा कि इस विधि को लगातार तीन से चार दिन तक करें ताकि रोगी को संपूर्ण आराम प्राप्त हो।

और जैसा कि इस लेख कि शुरुआत में ही हमने आपसे निवेदन किया था कि मंत्रों के उपयोग के साथ ही अपने वैद्य या डॉक्टर की दवा का भी समय पर सेवन करें ताकि आपको आपके रोगों से जल्द से जल्द छुटकारा मिले और आप एक स्वस्थ और सुखी जीवन जी सकें।

बुखार उतारने का हनुमान मंत्र

बुखार उतारने का हनुमान मंत्र

बुखार उतारने के लिए यह हनुमान मंत्र भी काफी अधिक कारगर सिद्ध होता है और इस मंत्र के उपयोग से रोगी को 100% पूर्ण राहत प्राप्त होती है।

इस मंत्र के उपयोग के लिए सर्वप्रथम हनुमान जी के मंदिर जाएं और उनकी दाई भुजा की सिंदूर थोड़ी मात्रा में घर लेकर आए। अब इस सिंदूर को अपने दाहिने हाथ में रखकर नीचे दिए गए मंत्र का 108 बार जाप करें और इस सिंदूर के ऊपर तीन बार फूंक मारकर इस सिंदूर को रोगी के माथे पर लगा दे।

॥ॐ नमो भगवते आंजनेयाय, महाबलाय स्वाहा
ॐ सर्वबाधा विर्निमुक्तो, धनधान्यसुतान्वित:॥

इस क्रिया को लगातार तीन दिनों तक करने से रोगी के शरीर से पूरी तरह से बुखार उतर जाता है और रोगी को मंत्रो का संपूर्ण लाभ प्राप्त होता है और हनुमान जी की कृपा से रोगी को अच्छे स्वास्थ्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

एक बात का विशेष ध्यान रखें कि जब इस मंत्र के उपयोग से रोगी को संपूर्ण राहत प्राप्त हो जाए तब रोगी के हाथ से किसी भी मंगलवार या शनिवार हनुमान जी के मंदिर में सवा किलो बेसन के लड्डू भोग के रूप में अर्पित कराएं, ऐसा करने से हनुमान जी की कृपा हमेशा रोगी पर बनी रहेगी और उसका स्वास्थ्य फिर कभी खराब नहीं होगा।

बुखार उतारने का कृष्ण मंत्र

कृष्ण मंत्र

यह मंत्र श्री कृष्ण जी का है जो एक सिद्ध मंत्र है और रोगों से मुक्ति दिलाने के लिए काफी प्रभावशाली है। श्री कृष्ण का यह मंत्र रोगी के शरीर में एक दिव्य सकारात्मक ऊर्जा का संचार पैदा करता है जिससे रोगी के शरीर में रोग निवारण क्षमता बढ़ती है और उसे बुखार या रोगों से मुक्ति मिलती है।

इस मंत्र का उपयोग अगर रोगी स्वयं करें तो अत्यधिक लाभ प्राप्त होता है पर अगर किसी कारणवर्ष रोगी मंत्रों का जाप करने में असमर्थ है तो रोगी के समीप बैठकर रोगी का कोई सगा संबंधी या रिश्तेदार इस मंत्र का जाप रोगी के लिए कर सकता है।

इस मंत्र का उपयोग करना काफी सरल है अगर रोगी स्वयं अपने स्वास्थ्य के लिए इस मंत्र का उपयोग कर रहा है तो उसे एकांत में आंखें बंद करके इस मंत्र का 108 बार जाप करना चाहिए और अगर रोगी चाहे तो मंत्रों का जाप मन में ही कर सकते हैं। और अगर इस मंत्र का जाप रोगी करने में सक्षम नहीं है तो रोगी का कोई भी रिश्तेदार या सगा संबंधी रोगी के पास बैठकर रोगी के कानों के पास इस मंत्र का उच्चारण कर सकता है।

यह बुखार उतारने का मंत्र सबसे ज्यादा प्रभावशाली और दिव्य मंत्र है जो हमेशा शुभ परिणाम देता है।

बुखार उतारने का टोटका

टोटका

बुखार उतारने का यह काफी पुराना टोटका है जिससे आप घर में भी कर सकते हैं और इस टोटके से भी रोगी को काफी राहत प्राप्त होती है।

इस टोटके को आप किसी भी दिन कर सकते हैं, इस टोटका को करने के लिए सर्वप्रथम 11 साबुत खड़ी लाल मिर्च, थोड़ी सी राई के दाने और 11 काली मिर्च के दाने ले अब इन सामग्रियों को रोगी की सर से घड़ी की उल्टी दिशा की तरफ 11 बार वार ले और इसे घर से बाहर ले जाकर जलती हुई आग में डाल दें, ऐसा लगातार तीन दिनों तक करने से रोगी को बुखार से राहत मिलती है और अगर रोगी को किसी भी प्रकार का नजर दोष, शत्रु बाधा या तंत्र मंत्र या ऊपरी बाधा की समस्या होगी तो उससे भी निवारण प्राप्त होगा.

आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में बुखार का मुख्य कारण ऊपरी बाधा या तंत्र मंत्र को माना जाता है इसलिए आज भी अगर भारत के गांव देहात में किसी को बुखार की समस्या होती है तो सबसे पहले इसी टोटका का इस्तेमाल करके उसे बुखार से निजात दिलाने की कोशिश की जाती है। अगर आपको भी लग रहा है कि आपके घर में किसी को बुखार की समस्या ऊपरी बाधा या तंत्र मंत्र के कारण है तो इस टोटका का इस्तेमाल करके आप इस समस्या का समाधान निकाल सकते हैं।

बुखार उतारने का घरेलू उपाय

आज के इस लेख में हमने आपको तीन शक्तिशाली मंत्र और टोटका की विधि बताई है जिसका उपयोग करके आप बुखार उतारने का समाधान प्राप्त कर सकते हैं, पर अगर किसी कारण आप इन मंत्र का उपयोग और टोटका नहीं कर सकते हैं तो इन कुछ घरेलू उपाय को करके भी आप मरीज के बुखार को कम कर सकते हैं।

  1. तुलसी, काली मिर्च, अदरक को अच्छे से पीस लें और इसमें शहद मिलाकर रोगी को लगातार चार से पांच दिनों तक देने से बुखार से आराम प्राप्त होता है और मरीज में रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है।
  2. अगर मरीज को बुखार की अत्यधिक समस्या है तो उसे रोज रात को सोने से पहले हल्के गुनगुने दूध में आधा चम्मच हल्दी मिलाकर दें, इससे भी बुखार से आराम प्राप्त होता है।
  3. मिश्री और सौठ को अच्छे से मिलाकर पीस लें और इसे हल्के गर्म दूध या पानी में मिलाकर देने से भी रोग निवारण शक्ति बढ़ती है और बुखार कम होता है।
  4. मरीज को हल्के गर्म पानी में कुछ नीम की पत्तियां डालकर नहलाने से भी बुखार से निजात प्राप्त होती है।
  5. आंवले के रस में थोड़ी मात्रा में तुलसी का रस मिलाकर मरीज को सेवन कराएं, यह भी एक कारगर तरीका है बुखार कम करने का।
  6. मूंगे की ताजा हरी पत्तियों की सब्जी बनाकर मरीज को खिलाने से मरीज के शरीर में रोग निवारण शक्ति बढ़ती है और उसे रोगों से मुक्ति मिलती है।
निष्कर्ष

बुखार उतारने का मंत्र और कुछ उपयोगी टोटके और घरेलू नुस्खे आज हमने आपको इस लेख के माध्यम से बताने की कोशिश की है जिसका उपयोग आप अपनी परिस्थितियों के अनुरूप कर सकते हैं. एक बात का विशेष ध्यान रखें कि इन मंत्रों और टोटकों का उपयोग सच्चे मन और भक्ति भाव और श्रद्धा से ही करें अन्यथा आपको इनके लाभ प्राप्त नहीं होंगे।

आज के इस लेख के समापन से पहले मैं आप सब से फिर से विनम्र निवेदन करूंगा कि किसी भी रोग के उपचार के लिए सर्वप्रथम अपने वैद्य या डॉक्टर से ही संपर्क करें और उनके निर्देशानुसार खानपान और दवाइयों का सेवन सही समय पर करें और फिर भी अगर आपको उनके द्वारा बताए गए दवाइयों का सेवन करने से आराम प्राप्त नहीं होता है तो आप इन मंत्रों का उपयोग करें और हमें पूर्ण विश्वास है कि अगर आप भक्ति भाव और श्रद्धा से इन मंत्रों और उपायों का उपयोग करेंगे तो आपको संपूर्ण लाभ प्राप्त होगा और आप एक स्वस्थ और संपन्न जीवन जी सकेंगे।

जय महाकाल

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