Shani yantra. शनि यंत्र की शक्ति|

Shani yantra / शनि यंत्र से मिलेगी शनि देव की कृपा |

Shani Dev

Shani yantraशनि देव जो कि सूर्य पुत्र है उन्हें मनुष्यों के कर्मों का फल दाता भी कहा जाता है । हर मनुष्य के जीवन में आने वाली पीड़ा, रोग या सुख दुख इन सभी का सीधा संबंध शनिदेव से माना गया है । हमारे हिंदू शास्त्रों में शनि देव को मनुष्यों के कर्मों के आधार पर फल देने वाला कर्मफल दाता कहां गया है । शनि देव को लेकर अक्सर कई मनुष्य भयभीत हो जाते हैं कि शनिदेव केवल दंड देते हैं पर ऐसा बिल्कुल गलत है शनि देव सिर्फ मनुष्यों के कर्मों के फल के हिसाब से ही उन्हें उनके कर्मों का परिणाम देते हैं ।

जो मनुष्य अपने जीवन में अच्छा कर्म करता है शनिदेव उसे हर सुख समृद्धि प्रदान करते हैं, और जो मनुष्य पाप करता है शनि देव उसका जीवन नर्क के समान पीड़ा से भर देते हैं । अगर किसी जातक के अच्छे कर्मों से शनिदेव प्रसन्न हो जाते हैं तो यह मान लीजिए कि शनिदेव उसकी तरफ हर सुख, समृद्धि और आनंद की वर्षा कर देते हैं जिस भी जातक के ऊपर शनिदेव की कृपा रहती है ऐसे जातक को कभी भी किसी भी प्रकार का दुख भोगना नहीं पड़ता । पीड़ा और दुर्घटना तो ऐसे जातकों से कोसों दूर रहते हैं।

अगर आप भी किसी प्रकार के शनि दोष या शनिदेव की क्रोध का सामना कर रहे हैं तो आज हम आपको एक ऐसा सिद्ध शनि यंत्र / shani yantra बताने जा रहे हैं जिसका उपयोग करके आप शनिदेव की कृपा प्राप्त करके अपना जीवन सुखद और सफल बना सकते हैं ।

शनिदेव की आराधना –

वैसे तो हर जातक या मनुष्य शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए अपने – अपने श्रद्धा भाव के अनुसार अलग-अलग प्रकार के प्रयत्न करता है । जैसे कि शनिदेव को काले तिल का भेंट करना, शनि देव को काला झंडा अर्पित करना, तिल के तेल से शनिदेव का अभिषेक करना, शनिवार के दिन शनि मंदिर जाकर उनकी आराधना करना या फिर शनि मंत्र का जप करके शनिदेव को प्रसन्न करना। कई ऐसे टोटके भी हैं जिनका उपयोग करने से शनिदेव प्रसन्न हो जाते हैं, लेकिन आज हम आपको शनि यंत्र / shani yantra बनाने के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं। जो भी मनुष्य इस शनि यंत्र को सिद्ध करके अपने घर में स्थापित करता है तो मान लीजिए शनिदेव की कृपा उस घर पर हमेशा बनी रहती है।

शनि यंत्र / shani yantra का लाभ –

जिस किसी के भी घर में अगर सिद्ध शनि यंत्र / shani yantra स्थापित होता है तो उस घर में किसी भी प्रकार का शनि दोष या शनि का प्रकोप नहीं रहता और साथ ही शनिदेव की कृपा हमेशा रहती है। शनि देव मकर और कुंभ राशि के स्वामी ग्रह हैं और इसी वजह से वह अपने राशि में थोड़े कमजोर होते हैं इसीलिए मकर और कुंभ राशि के जातकों को हमेशा सिद्धि शनि यंत्र को घर में स्थापित करके उसकी पूजा अवश्य करनी चाहिए । अगर किसी जातक की कुंडली के लग्न में शनि है तो उन्हें भी सिद्ध शनि यंत्र को अपने घर में स्थापित करके रोज उसकी आराधना करनी चाहिए।

अगर कोई जातक शनि की ढैया या साढ़ेसाती से भी ग्रस्त है तो उस जातक को भी सिद्ध शनि यंत्र की स्थापना अपने घर में अवश्य करना चाहिए इस से उस जातक को अत्यधिक लाभ प्राप्त होता है। और इन सब बातों से अतिरिक्त शनि यंत्र / shani yantra जिस घर में विस्थापित होता है उस घर में कभी भी कोई दुख पीड़ा यह दुर्घटना नहीं होती और जीवन सुख में होता है।

Shani yantra / शनि यंत्र बनाने की विधि –

Siddh Shani Yantra
Siddh Shani Yantra

शनि यंत्र को बनाने के लिए सबसे पहले आपको एक भोजपत्र लेना है और सबसे पहले उसे गंगाजल से शुद्ध कर लेना है उसके पश्चात ऊपर दिए गए शनि यंत्र / shani yantra को उस भोजपत्र पर अष्टगंध की स्याही से बनाएं और एक बात का ध्यान रखें कि यंत्र बनाते समय नीचे दिए गए इस मंत्र का उच्चारण करते रहें ।

”ॐ प्रां प्रीं प्रौं स शनैश्चराय नमः“

शनि यंत्र को सिद्ध करने की विधि –

ऊपर बताए गए विधि के अनुसार भोजपत्र पर शनि यंत्र बनाने के बाद शनिवार के दिन सुबह स्नान आदि करके पूर्व दिशा की तरफ एक चौकी की स्थापना करें और उस चौकी के ऊपर एक लाल रंग का कपड़ा बिछा दें। ऐसा करने के बाद उस चौकी पर शनि यंत्र / shani yantra को स्थापित करें और यंत्र को हल्के गंगाजल के छींटे से शुद्ध कर ले, उसके पश्चात चौकी के सामने एक घी का दीपक जलाएं और नीचे दिए गए इस मंत्र का 5000 बार जप करें

”ॐ प्रां प्रीं प्रौं स शनैश्चराय नमः“

ऊपर बताए गए मंत्र का 5000 जब जप हो जाए तब उसके पश्चात अगले दिन यानी रविवार को घर में हवन का आयोजन करें और शनि देव के ऊपर बताए गए मंत्र कि 500 आहुति दें
। जब शनि मंत्र की 500 आहुति पूरी हो जाए उसके बाद उस शनि यंत्र को हवन के ऊपर से 21 बार घुमा ले और हवन के भस्म द्वारा उस शनि यंत्र / shani yantra का तिलक करें। ऐसा करने से आपका शनि यंत्र सिद्ध हो जाएगा उसके पश्चात आप इस सिद्ध शनि यंत्र को अपने पूजा गृह में स्थापित कर सकते हैं और नियमित रूप से इसकी पूजा अर्चना करें ।

कैसे करें शनि यंत्र / shani yantra की नियमित पूजा –

शनि यंत्र की पूजा करने के लिए नियमित रूप से शनिदेव का ध्यान करते हुए ऊपर दिए गए शनि मंत्र का 108 बार जप करें और हो सके तो 108 बार जप करने के बाद शनि चालीसा का पाठ करें इससे शनिदेव अत्यंत प्रसन्न होते हैं और उनकी कृपा आपके घर पर हमेशा बनी रहती है।

ऊपर बताई गई शनि यंत्र / shani yantra बनाने की विधि में अगर आपको कुछ भी समझ में ना आया हो तो आप निसंकोच हमसे संपर्क कर सकते हैं।

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