भोजपत्र से वशीकरण करने की सम्पूर्ण विधि | Bhojpatra se vashikaran

Bhojpatra se vashikaran
Bhojpatra se vashikaran

आज के इस अध्याय में हम आपके साथ Bhojpatra se vashikaran के कुछ अचूक और शक्तिशाली मंत्रों के प्रयोग के बारे में जानकारी साझा करने जा रहे हैं, भोजपत्र का प्रयोग तंत्र साधना और ज्योतिष विद्या में आज से नहीं सदियों से किया जा रहा है, अक्सर भोजपत्र को लेकर लोग असमंजस में रहते हैं और इसे किसी पत्ते की भांति समझते हैं।

वास्तव में भोजपत्र का किसी पत्ते से कोई संबंध नहीं है भोजपत्र भोज नामक वृक्ष जो कि 15 से 20 मीटर ऊंचा वृक्ष होता है उसकी छाल से बनता है, यह अक्सर सर्दियों के मौसम में पतली परतों के रूप में निकलती है इनका रंग काफी गहरा होता है और भोजपत्र की सबसे विशेष बात यह होती है कि यह लंबे समय तक खराब नहीं होता भोजपत्र का उपयोग सिर्फ तंत्र साधना और ज्योतिष विद्या में नहीं बल्कि कई दवाइयों को बनाने में भी काम की आता है. अगर भोजपत्र का इस्तेमाल सही तरीके से किया जाए तो इससे किया गया वशीकरण कभी नहीं टूटता। भारत देश के कई गांव और देहातों में आज भी भोजपत्र का इस्तेमाल तांत्रिक साधना में किया जाता है।

आज के इस अध्याय को शुरू करने से पहले हर बार की तरह हम आप सभी से विनती करेंगे कि आज हम जो वशीकरण की विधाएं और साधना बताने जा रहे हैं उनका प्रयोग आप तभी करें जब आपके पास और कोई रास्ता ना बचा हो और साथ ही साथ जब तक आपका उद्देश्य और लक्ष्य सच्चा ना हो तब तक इस वशीकरण क्रियाओं का उपयोग ना करें अन्यथा किसी भी अनहोनी के लिए आप ही जिम्मेदार होंगे।

भोजपत्र से वशीकरण, Bhojpatra se vashikaran

Bhojpatra se vashikaran
Bhojpatra se vashikaran

भोजपत्र से वशीकरण की ये प्रक्रिया थोड़ी जटिल जरूर है पर जो कोई भी इसे सच्चे मन और श्रद्धा से करता है यकीन मानिए उसे 100% परिणाम मिलता है और जिसके ऊपर भी यह वशीकरण क्रिया की जाती है वह जीवन भर आपके साथ रहता है।

इस Bhojpatra se vashikaran वशीकरण को करने के लिए कामाख्या मंत्र का उपयोग किया जाता है सबसे पहले आपको पुष्य नक्षत्र में एक भोजपत्र का टुकड़ा लेकर आना है और उसे गंगाजल से धोकर शुद्ध कर लेना है उसके बाद थोड़े से सिंदूर में गंगा जल मिलाकर भोजपत्र के ऊपर निचे दिए गए इस मंत्र को लिखना है.

॥ ॐ नमः सरवलोक वश्यं करू करू स्वाहा ॥

इस कामाख्या मंत्र को लिखकर इसी मंत्र का सवा लाख बार जाप करना है जाप करने से यह भोजपत्र सिद्ध हो जाएगा उसके बाद अब इस भोजपत्र को किसी भी चांदी या तांबे के ताबीज में डालकर अपने गले या दाहिनी भुजा में धारण कर सकते हैं, मंत्रों का उच्चारण करते समय एक बात का ध्यान रखें कि उच्चारण करते समय मन में उसी व्यक्ति या महिला का स्मरण करते रहे जिसके लिए आप वशीकरण करना चाहते हैं। ताबीज के धारण करने के कुछ ही दिन में आप देखेंगे कि जिसके लिए भी आपने इस वशीकरण क्रिया को किया था वह आपकी तरफ आकर्षित होने लगा है।

भोजपत्र और शहद से वशीकरण

भोजपत्र और शहद के इस वशीकरण उपाय का उपयोग केवल महिलाएं ही करें अगर आपका प्रेमी आपकी बात नहीं मान रहा या आप से रूठ कर दूर चला गया है या आपका पति आपकी बात नहीं सुन रहा है या किसी और महिला के चंगुल में फंस गया है तो आप इस भोजपत्र और शहद, bhojpatra se vashikaran का उपयोग कर सकते हैं।

इस वशीकरण क्रिया को करने के लिए सबसे पहले एक भोजपत्र के ऊपर नीचे दिए गए मंत्र को सरसों के तेल की मदद से अपनी अनामिका उंगली से लिखें।

ॐ नमः अदि पुरुषाय अमुकं कुरु कुरु स्वाहा ॥

इसके बाद इस भोजपत्र को अपने हाथ में लेकर उसी मंत्र का 108 बार जाप करें और इस भोजपत्र को मोड़ कर एक शीशी के डब्बे में रखे और उसके ऊपर से शहद भर के उस डब्बे को बंद कर दें। अब शहद से भरे डब्बे को किसी ऐसी जगह रखदे जहां पर इसे कोई देख ना पाए जब तक यह भोजपत्र उस शहद की डिब्बी में रहेगा तब तक आपका प्रेमी या आपका पति आपके काबू में रहेगा।

भोजपत्र का वशीकरण तिलक

शायद आप इस बात को ना जानते हो पर bhojpatra se vashikaran तिलक भी बनाया जाता है और जिसका असर काफी तीव्र होता है। इस वशीकरण तिलक को बनाने के लिए सबसे पहले आपको कुछ सामग्री की आवश्यकता पड़ेगी जो इस प्रकार है।

  1. भोजपत्र
  2. गूंजा
  3. अनार की जड़
  4. गोरोचन
  5. श्वेतार्क

भोजपत्र वशीकरण तिलक की सबसे महत्वपूर्ण और अच्छी बात यह है कि इस वशीकरण तिलक को बनाने के लिए किसी भी प्रकार के मंत्रों के उच्चारण की जरूरत नहीं पड़ती, bhojpatra se vashikaran तिलक को एक प्रकार से आकर्षण तिलक भी कहा जाता है क्योंकि इस तिलक लगाकर आप जहां भी जाते हैं हर कोई आपके से आकर्षित होना शुरू हो जाता है.

इस तिलक को बनाने के लिए सबसे पहले ऊपर बताई गई सामग्रियों को एक साथ किसी मिट्टी के पात्र में डालें और उसमें गंगाजल डालकर उसे कुछ घंटे तक भीगने दें उसके बाद इन सब सामग्रियों को अच्छे से पीसकर एक डिब्बी में रख लें और जब भी घर से निकलते वक्त इस वशीकरण तिलक को माथे पर लगा कर निकले आप यकीन नहीं करेंगे इसका असर इतना तीव्र होता है कि आप इस तिलक लगाकर जहां भी जाएंगे हर कोई आपकी तरफ आकर्षित होना शुरू हो जाएगा।

भोजपत्र उसे दूर करें भूत प्रेत या ऊपरी बाधा

भोजपत्र की मदद से हम बुरी नजर, भूत प्रेत, ऊपरी बाधा, नकारात्मक शक्तियों को भी दूर कर सकते हैं। अगर आपको ऐसा लगता है कि आपके घर में किसी को बुरी नजर लगी है या आपके घर में कोई ऊपरी बाधा या नकारात्मक शक्तियां है जिसके कारण आपके घर की खुशियां खत्म हो रही है और तरक्की नहीं मिल रही है तो आप इस उपाय को जरूर आजमाएं.

इसे करने के लिए सबसे पहले भोजपत्र या भोज वृक्ष की जड़ को लेकर आए और एक मिट्टी के पात्र में से रखें और उसके ऊपर से कपूर के कुछ दाने, 11 काली मिर्च और थोड़ा सा गूगल धूप डालें और इनका धूप को पूरे घर में दे अगर किसी को बुरी नजर लगी है तो उसके ऊपर भी इस धूप को दें इस धूप की शक्ति इतनी तीव्र होती है कि बड़े से बड़ा काला जादू, बुरी नजर, तंत्र मंत्र, जादू टोना सब इस धूप की मदद से दूर हो जाते हैं पर एक बात का ध्यान रखें कि धूप देने के बाद कम से कम महीने में एक बार इस प्रक्रिया को दोबारा जरूर करें।

निष्कर्ष

तो यह थी भोजपत्र से वशीकरण, bhojpatra se vashikaran करने की कुछ विधियां जिनका प्रयोग आप अपनी परिस्थिति के अनुसार कर सकते हैं। कई लोगों की शिकायत होती है कि वशीकरण मंत्र काम नहीं करते पर ऐसा नहीं है अगर आपके द्वारा किया गया वशीकरण विधि सफल नहीं हो रहा है तो जरूर उसके पीछे कुछ ना कुछ कारण जरूर होगा या तो आप मंत्रों का उच्चारण सही से नहीं कर रहे होंगे या फिर आपका उद्देश्य सच्चा नहीं होगा और भी कई सारे परिस्थिति होती है जिनकी वजह से वशीकरण मंत्र कभी-कभी काम नहीं करते हैं, अगर आप भी किसी मंत्र का प्रयोग कर रहे हैं जिसमें आपको सफलता नहीं मिल रही है तो अपनी निसंकोच हो कर हमसे संपर्क कर सकते हैं और हमें अपनी परेशानी हमारे साथ साझा कर सकते हैं हमसे जो उचित और संभव मदद बन सकेगी हम आपके लिए जरूर करेंगे ।

जय महाकाल

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