ओम नमो भगवते वासुदेवाय वशीकरण मंत्र करने की विधि

ओम नमो भगवते वासुदेवाय वशीकरण मंत्र

ओम नमो भगवते वासुदेवाय वशीकरण मंत्र का उपयोग आज से नहीं प्राचीन काल से किया जा रहा है और यह वशीकरण मंत्र काफी अधिक शक्तिशाली है और अगर सच्चे मन से किया जाए तो 100% परिणाम देने वाला मंत्र है। यह मंत्र भगवान श्री हरि विष्णु का मंत्र है और इस मंत्र का प्रयोग इंसान अपने जीवन में आने वाली कई सारी कठिनाइयां या कष्टों को दूर करने के लिए कर सकता है। हिंदू धर्म को मानने वाले इस बात को जानते हैं कि भगवान श्री हरि विष्णु सृष्टि के पालनहार हैं और जो भी भक्त सच्चे मन से भगवान श्री विष्णु की पूजा अर्चना करता है और उनके मंत्रो का सच्चे मन से जाप करता है भगवान श्री हरी विष्णु उसकी हर मनोकामना पूर्ण करते हैं।

पैर के नीचे नाम लिखकर वशीकरण करने का मंत्र और विधि

कागज पर नाम लिखकर जला दे और करे सफल वशीकरण

वशीकरण बीज मंत्र का सबसे सफल और अचूक प्रयोग

आज के हमारे इस अध्याय में हम आपको ओम नमो भगवते वासुदेवाय वशीकरण मंत्र का प्रयोग करना सिखाएंगे जिसका उपयोग करके आप वशीकरण या जीवन में आने वाली कई सारी परेशानियों का समाधान निकालने में सक्षम हो पाएंगे।

हर बार की तरह आज के इस अध्याय को शुरू करने से पहले मैं आप सभी से निवेदन करूंगा कि अगर आपके जीवन में कोई ऐसी परेशानी है जिसका आप तांत्रिक या ज्योतिष समाधान चाहते हैं तो आप अपनी परेशानियां हमारे साथ साझा करें आपकी परेशानी का जो भी उचित उपाय उपलब्ध होगा हम आपको जरूर सूचित करेंगे और ईश्वर से कामना करेंगे कि ईश्वर आपके और आपके परिवार को सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करें।

ओम नमो भगवते वासुदेवाय वशीकरण मंत्र

ओम नमो भगवते वासुदेवाय वशीकरण मंत्र

ओम नमो भगवते वासुदेवाय वशीकरण मंत्र का उपयोग त्रेता युग से किया जा रहा है और यह इतना अचूक मंत्र है की जो भी इंसान इसे सच्चे मन से करता है उसका वशीकरण अवश्य सफल होता है। इस वशीकरण मंत्र को सम्मोहन मंत्र भी कहा जाता है क्योंकि इस मंत्र का उपयोग जिस पर भी किया जाता है वह व्यक्ति या महिला सम्मोहित हो जाती है। हर बार की तरह मैं आप सब से निवेदन करूंगा कि इस ओम नमो भगवते वासुदेवाय वशीकरण मंत्र का उपयोग तभी करें जब आपका उद्देश्य सच्चा हो अन्यथा अपने स्वार्थ की पूर्ति हेतु इस मंत्र का उपयोग ना करें अन्यथा इसके दुष्प्रभावों के जिम्मेदार आप खुद होंगे।

इस वशीकरण क्रिया की अवधि 7 दिनों की है और इसे गुरुवार से ही शुरू किया जा सकता है क्योंकि गुरुवार श्री हरि विष्णु का दिन होता है। इस वशीकरण क्रिया को करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि जब तक आपकी वशीकरण क्रिया समाप्त नहीं हो जाती तब तक आपको ब्रम्हचर्य का पूर्ण पालन करना है और रात को सोते समय पलंग का उपयोग नहीं करना है आपको एक चटाई बिछाकर सातों दिन जमीन में ही सोना है और 7 दिन मांस मदिरा का सेवन भी नहीं करना है।

वशीकरण विधि

वशीकरण विधि

जिस भी गुरुवार से आप इस वशीकरण क्रिया को शुरू करना चाहते हैं उस गुरुवार को सुबह स्नान करके शुद्ध हो जाए और अपनी रसोई से तीन मुट्ठी चावल लेकर श्री हरि विष्णु के मंदिर जाएं और उनसे प्रार्थना करें कि आप जो वशीकरण क्रिया करने जा रहे हैं उसमें अपना आशीर्वाद प्रदान करें और उन उस चावल में से थोड़े से चावल निकाल कर श्री विष्णु के चरणों में समर्पित कर दें और बाकी चावल लेकर वापस घर आ जाए।

अब आप किसी ऐसे एकांत स्थान का चयन करें जहां पर आपको कोई परेशान ना करें और एक बात का ध्यान रखें कि जिस भी जगह आप इन मंत्रों का जाप कर रहे हो लगातार सातों दिन उसी जगह पर इस मंत्र का जाप करें। एकांत स्थान पर जाने के बाद उत्तर की ओर मुख कर कर साफ-सुथरे फर्श पर बैठे हैं और अपने सामने उस चावल को रखें और आंखें बंद करके मन में उस व्यक्ति या महिला या जिस का वसीकरण करना चाहते हैं उसका विचार करें और नीचे दिए गए मंत्र का 108 बार जाप करें।

वशीकरण मंत्र

॥ओम नमो भगवते वासुदेवाय (अमुकं) मंम समोहनाय नमः॥

जब आपके 108 बार मंत्र जाप समाप्त हो जाए तब उस चावल के ऊपर 11 बार फूंक मारे और उस चावल को किसी सुरक्षित जगह रख दें और दूसरे दिन फिर इसी क्रिया को दोबारा करें, ऐसा लगातार 7 दिनों तक करें. अब आठवें दिन अपने हाथों से इस चावल की खीर बनाएं और एक बात का ध्यान रखें कि खीर बनाते समय सिर्फ दूध और शक्कर का ही प्रयोग करें और किसी भी चीज का प्रयोग ना करें, खीर बनाते समय मन में या बोलते हुए ओम नमो भगवते वासुदेवाय वशीकरण मंत्र का लगातार जाप करते रहें और जब आप की खीर बन कर तैयार हो जाए तब आप इस खीर को उसे खिलाए जिसका आप वशीकरण करना चाहते हैं. एक बात का विशेष ध्यान रखें कि इस खीर को 24 घंटे के भीतर ही खिलाएं अन्यथा वशीकरण क्रिया को सफल होने में समय लगेगा।

ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र के लाभ

ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र के लाभ

इस मंत्र को प्रयोग केवल वशीकरण के लिए ही नहीं बल्कि इंसान की जिंदगी में आने वाली कई परेशानियों को दूर करने के लिए भी किया जा सकता है। तो आइए सबसे पहले जान लेते हैं कि इस मंत्र को उपयोग अब किन परिस्थितियों में कर सकते हैं।

  1. धन की हानि या कमी होने पर।
  2. जीवन में सफलता न मिलने पर।
  3. घर में तनाव या आर्थिक तंगी की स्थिति में।
  4. नौकरी में असफलता या नौकरी ना मिलने पर।
  5. व्यापार-व्यवसाय में प्रगति के लिए।
  6. जीवन में सुख शांति और समृद्धि के लिए।

हमारे द्वारा बताए गए इन सभी लक्षणों में अगर कोई लक्षण आपके जीवन में है जिससे आप काफी परेशान हैं तो हमारे बताए गए इस उपाय को करके आप अपने जीवन में सुख शांति और समृद्धि ला सकते हैं और अपनी परेशानियों को अपने जीवन से दूर कर सकते हैं। यह उपाय काफी सरल है और इसे आप अपने घर में भी कर सकते हैं पर एक बात का ध्यान रखें कि इस उपाय को आपको लगातार 90 दिन यानी 3 महीने तक करना है तभी आपको इसके सफल परिणाम मिलेंगे.

सुख और शांति के लिए विष्णु मंत्र का प्रयोग कैसे करे

जीवन में आने वाली समस्त परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए सबसे पहले गुरुवार के दिन अपने पूजा गृह में श्री हरि विष्णु की फोटो या तस्वीर को पूरे विधि-विधान से स्थापित करें उसके पश्चात लगातार 90 दिनों तक रोज सुबह स्नान करके अपने पूजा गृह में अपने इष्ट देव और सभी देवी देवताओं की पूजा करने के बाद श्री हरि विष्णु के सामने आसन लगाकर बैठे, आसन सफेद कपड़े का ही लगाएं और उसके पश्चात ओम नमो भगवते वासुदेवाय नमः मंत्र का 108 बार आंख बंद करके सच्चे मन से जाप करें। मंत्र जाप समाप्त होने के बाद भगवान श्री हरि विष्णु से प्रार्थना करें कि आपके जीवन में जो भी परेशानियां या कष्ट आ रहे हैं उन्हें दूर करने का आशीर्वाद प्रदान करें।

यह काफी प्राचीन और शक्तिशाली उपाय है जीवन में सुख शांति और समृद्धि लाने का और यह हमारा खुद का अनुभव है कि जो भी इंसान सच्चे मन से श्री हरि विष्णु की पूजा अर्चना करता है और उनके मंत्रों का जाप करता है भगवान श्री हरि विष्णु उसके सारे दुख और कष्ट हर लेते हैं और उनको जीवन में प्रगति और उन्नति का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।

हर मनोकामना पूर्ण करें ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र

हर इंसान के मन में कोई ना कोई इच्छा होती है जिसे पूरा करने के लिए वह दिन रात मेहनत करता है पर कई बार ऐसा होता है कि काफी अधिक परिश्रम और मेहनत करने के बाद भी उसकी इच्छाएं पूरी नहीं हो पाती और वह काफी निराश हो जाता है।

भगवान श्री हरि विष्णु का यह मंत्र मनोकामना पूर्ण करने के लिए एक रामबाण मंत्र है। अगर आप भी ऐसी स्थिति में है जहां पर आप की कोई इच्छा काफी वर्षों से पूरी ना हुई हो तो हमारी आपको सलाह होगी कि आप रोजाना ओम नमो भगवते वासुदेवाय नमः मंत्र का जितना अधिक से अधिक हो सके जाप करें कुछ ही समय में आप देखेंगे कि आपकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान के आशीर्वाद द्वारा आपकी मनोकामनाएं पूर्ण होने लगेगी जिससे आपके जीवन में सुख शांति और समृद्धि का आगमन होगा।

मन की घबराहट और डर को दूर करने के लिए करें मंत्र का प्रयोग

हमने अपने कई लेख में मन की घबराहट और डर दूर करने के उपाय और टोटके बताएं हैं जिनका उपयोग करके आप अपने मन की घबराहट को दूर कर सकते हैं पर अगर आप चाहें तो आप ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का उपयोग करके भी अपने मन की घबराहट और डर को दूर कर सकते हैं और तनाव की स्थिति से मुक्ति पा सकते हैं।

अगर आप ऐसी स्थिति में है जहां आप रोजाना मंत्रों का अधिक जाप नहीं कर सकते हैं तो भी आपको चिंता करने की आवश्यकता नहीं है आप रोज स्नान करके शुद्ध हो जाए और पूजा गृह में पूजा करने के बाद भगवान विष्णु जय श्री कृष्ण की तस्वीर या मूर्ति के सामने बैठकर मात्र 11 बार इस मंत्र का जाप करें और गुरुवार के दिन अवश्य श्री हरि विष्णु या श्री कृष्ण के मंदिर जाकर उनके दर्शन करें और इसी मंत्र का 11 बार जाप करें, कुछ ही समय में आप देखेंगे कि आपके मन की सारी घबराहट और डर दूर हो जाएंगे और आप एक स्वस्थ और सुखी जीवन जी सकेंगे।

पितृदोष से मुक्ति के लिए ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का प्रयोग

पित्र दोष एक ऐसी समस्या है जिससे कई परिवार पीड़ित हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अगर किसी इंसान की कुंडली के नवम भाव में केतु या राहु विराजमान होते हैं तब उस व्यक्ति को पित्र दोष से पीड़ित कहा जाता है। पित्र दोष से पीड़ित व्यक्ति का जीवन अति दुखद होता है और उसके परिवार में अक्सर तनाव की स्थिति रहती है उसके विवाह में भी विलंब होते हैं.

नौकरी या व्यवसाय करने वालों को अधिक मेहनत करने पर भी फल की प्राप्ति नहीं होती है और उनका स्वास्थ्य भी सदैव खराब रहता है। अगर आप या आपके परिवार में कोई भी व्यक्ति पित्र दोष से पीड़ित है तो उसे चाहिए कि इस महामंत्र ओम नमो भगवते वासुदेवाय नमः का नियमित जाप करें और हो सके तो हर साल अपने पितरों का श्राद्ध अवश्य करें ऐसा करने से पित्र दोष शांत होता है और पितरों को भी मोक्ष प्राप्त होता है।

ग्रह शांति के लिए अचूक मंत्र

हिंदू धर्म को जानने वाले भी शायद इस बात से अनजान हैं की ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का अगर नियमित जाप किया जाए तो इंसान के कुंडली में ग्रहों की स्थिति मजबूत होती है जिससे उन्नति और प्रगति के प्रबल योग कुंडली में बनते हैं। किसी भी इंसान के कुंडली में अगर ग्रहों की स्थिति ठीक नहीं हो तो ऐसी स्थिति में उस इंसान को जीवन में काफी अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है और काफी अधिक में परिश्रम करने के बाद भी उसे मनोवांछित फल की प्राप्ति नहीं हो पाती।

अगर आप भी ऐसी स्थिति में है जहां काफी अधिक परिश्रम करने के बाद भी आपको अच्छे और शुभ फल की प्राप्ति नहीं हो रही है और जीवन में काफी अधिक कष्ट और पीड़ा है तो आपको नियमित रूप से इस मंत्र का जाप करना चाहिए और हफ्ते में एक बार श्री कृष्ण या श्री हरि विष्णु के मंदिर जाकर उनके दर्शन करना चाहिए ऐसा करने से कुंडली के ग्रह दोष दूर होते हैं और जीवन में प्रगति और उन्नति आती है।

निष्कर्ष

तो यह थी ओम नमो भगवते वासुदेवाय वशीकरण मंत्र का महत्व और उसकी विधि और मंत्र के अन्य फायदे जिनका उपयोग करके आप अपनी परेशानियों का समाधान निकाल सकते हैं। इन मंत्रों का उपयोग करने से पहले एक बात का हमेशा ध्यान रखें इन मंत्रों का फल आपको तभी प्राप्त होगा जब आप सच्चे मन से और सही उद्देश्य के लिए इन मंत्रों का उपयोग करेंगे किसी भी मंत्र को प्रयोग किसी को कष्ट देने या अपने स्वार्थ के लिए उपयोग करना व्यर्थ है ऐसा करने से आपको मंत्रों का कोई फल प्राप्त नहीं होगा और सिर्फ आपको निराशा ही प्राप्त होगी।

अगर हमारे आज के इस अध्याय में कोई ऐसी बात है जो आपको समझ में ना आए हो और आपके मन में कोई शंका हो तो आप निसंकोच होकर अपनी परेशानियां या शंका हमारे साथ जरूर साझा करें हम अपने हर पाठकों के सवालों के जवाब जल्द से जल्द देने की पूरी कोशिश करते हैं जिससे हमारे पाठकों के जीवन में सुख शांति आए और उनका कल्याण हो।

भगवान श्री हरि विष्णु आप सबका कल्याण करें.

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