अति प्राचीन ग्रामीण शाबर मंत्र जो करें हर समस्या का निवारण

ग्रामीण शाबर मंत्र

वैदिक अथवा तंत्र शास्त्र में ऐसे अनेक मंत्र हैं जिसमें साधना करने के लिए अत्यंत सावधानी की जरूरत होती है। असावधानी से कार्य करने पर प्रभाव प्राप्त नहीं होता है अथवा हमारा सारा श्रम व्यर्थ ही चला जाता है, परंतु शाबर मंत्रों की साधना या इन मंत्रों में सिद्धि को हासिल करना काफी सरल होता है क्योंकि ग्रामीण शाबर मंत्र की भाषा काफी सरल और देहाती होती है और इन मंत्रों को पड़ने पर ऐसा कुछ भी अनुभव नहीं होता है कि इनमें कोई विशेष प्रभाव या शक्ति है परंतु जब इन मंत्रों का निरंतर जाप किया जाता है तो इन मंत्रों से असाधारण सफलता और दृष्टिगोचर हासिल होती है।

ग्रामीण शाबर मंत्र में तो कुछ मंत्र ऐसे हैं जिनको सिद्ध करने की जरूरत नहीं होती केवल कुछ समय उच्चारण करने से ही इनका प्रभाव स्पष्ट दिखाई देने लगता है।

एक बात का ध्यान हमेशा रखना चाहिए कि शाबर मंत्रों को सिद्ध करने से पूर्व अपने गुरु से दीक्षा विधिवत रूप से लेनी चाहिए। दिवाली, होली या ग्रहण के अवसर पर इन मंत्रों के जाप से विशेष सिद्धि और फल प्राप्त होते हैं और हमारी राय में एक बार जब मंत्र में सिद्धि हासिल हो जाए तब भी उस मंत्र का नित्य जाप करना चाहिए ताकि उस मंत्र का प्रभाव निरंतर बना रहे।

यदि किसी ग्रामीण शाबर मंत्र की जप संख्या निर्धारित नहीं है तो मात्र 1008 बार मंत्र जाप करने से ही उस मंत्र को सिद्ध समझना चाहिए, फिर भी हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि शाबर मंत्र की साधना सिद्धि से पूर्व किसी शाबर मंत्र विशेषज्ञ योग्य गुरु से ही परामर्श करने के बाद इस मंत्र में सिद्धि हासिल करें।

साधना में सिद्धि कैसे हासिल करे

साधना में सिद्धि कैसे हासिल करे

अति प्राचीन ग्रामीण शाबर मंत्र की सिद्धि के लिए मन में दृढ़ संकल्प और इच्छाशक्ति का होना आवश्यक है, जिस प्रकार की इच्छा शक्ति साधक के मन में होती है उसी प्रकार का लाभ उसे मिल जाता है. यदि मन में दृढ़ इच्छाशक्ति है तो अन्य किसी भी परिस्थिति या कुविचारों का उस पर प्रभाव नहीं पड़ता। जो मनुष्य मन में धारणा बना लेता है और उस पर दृढ़ रहता है वह मनुष्य सदैव प्रसन्न और शांत रहता है और शाबर मंत्रों में सिद्धि आसानी से हासिल कर सकता है। संसार में जितने भी उच्च कोटि के योगी और साधक हुए हैं उनके मूल में दृढ़ इच्छाशक्ति ही रही है क्योंकि दृढ़ इच्छाशक्ति के माध्यम से ही व्यक्ति अपने महान कार्यों का संचालन करता है और उसी के द्वारा वह सफलता प्राप्त करता है।

ग्रामीण शाबर मंत्रों में सिद्धि हासिल करते समय साधक को इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि शाबर मंत्र में जो भी अक्षर प्रयुक्त होते हैं वे मात्र अक्षर नहीं हैं अपितु उन्हें एक विशेष भावना भी होती है।

अति प्राचीन शाबर मंत्र की साधना किसी भी दिन से प्रारंभ की जा सकती है परंतु अगर इसका उपयोग दिवाली या होली के अवसर पर किया जाए तो इसका विशेष महत्व और लाभ प्राप्त होता है।

अति प्राचीन सर्व कार्य सिद्धि ग्रामीण शाबर मंत्र

अति प्राचीन सर्व कार्य सिद्धि ग्रामीण शाबर मंत्र

“ॐ नमो महादेवी सर्व कार्य सिद्धकरणी,
जो पाती पूरे ब्रह्मा विष्णु महेश तीनों देवतन,
मेरी शक्ति गुरु की शक्ति,
श्री गुरु गोरखनाथ की दुहाई,
फुर्रो मंत्र ईश्वरों वाचा”

सर्व कार्य सिद्धि ग्रामीण शाबर मंत्र से साधक अपने जीवन में किसी भी कार्य में सफलता प्राप्त कर सकता है या इस मंत्र के उपयोग से अपने जीवन में उन्नति सफलता और वैभव प्राप्ति भी कर सकता है. आर्थिक, व्यवसाय या व्यापारिक दृष्टि से किसी भी प्रकार की सफलता एवं उन्नति के लिए इस मंत्र का प्रयोग करना अति उत्तम माना गया है।

अगर दिवाली की मध्यरात्रि इस मंत्र का 31 माला जाप किया जाए तो इस मंत्र में सिद्धि हासिल होती है और उसके पश्चात निरंतर इस मंत्र का 108 बार जाप करने से जीवन में अपार धन संपत्ति की प्राप्ति होती है। इस मंत्र को सिद्ध करने के लिए साधक किसी भी प्रकार के माला का प्रयोग कर सकता है, पर साधना के दौरान एक बात का विशेष ध्यान रखें कि सफेद वस्त्र और सफेद आसन पर बैठकर ही इस मंत्र का जाप करें और जब तक इस मंत्र में सिद्धि हासिल नहीं होती तब तक इस मंत्र का जाप केवल मध्य रात्रि में ही करें।

धन प्राप्ति के लिए अति प्राचीन ग्रामीण शाबर मंत्र

धन प्राप्ति के लिए अति प्राचीन ग्रामीण शाबर मंत्र

“ॐ नमो पद्मावती पदमालय,
लक्ष्मीदायिनी वांछा भूत प्रेत विघ्नवासनी,
सर्व शत्रु संहारिणी दुर्जन मोहिनी,
रिद्धि सिद्धि वृद्धि कुरु कुरु स्वाहा,
ॐ क्लिं श्रीं पद्मावती नमः”

यह शक्तिशाली सिद्ध अति प्राचीन शाबर मंत्र अत्यंत ही महत्वपूर्ण मंत्र है और इस मंत्र का जाप अर्धरात्रि को किया जाता है। यह साधना 22 दिन की है और नित्य एक माला जप होना अनिवार्य है, यदि शनिवार या रविवार से इस प्रयोग को प्रारंभ किया जाए तो ज्यादा उचित रहता है. साधना के दौरान साधक को लाल वस्त्र पहनना चाहिए और पूजा में उपयोग किए जाने वाले सभी सामग्रियों का रंग भी लाल होना चाहिए।

अति प्राचीन ग्रामीण शाबर मंत्र का उपयोग दिवाली के दिन भी किया जा सकता है जिससे इस मंत्र की शक्ति और अधिक बढ़ जाती है, यदि दीवाली की रात्रि को इस मंत्र का 21 माला जाप किया जाए तो व्यापार में उन्नति एवं आर्थिक सफलता प्राप्त होती है।

जो भी जातक इस मंत्र में सिद्धि हासिल कर लेता है उनसे हमारा आग्रह होगा कि सिद्धि हासिल करने के बाद भी रोज इस मंत्र का 51 बार अवश्य जाप करें जिससे आपके जीवन में मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहे और धन का आगमन बना रहे।

समस्त कामना सिद्धि ग्रामीण शाबर मंत्र

समस्त कामना सिद्धि ग्रामीण शाबर मंत्र

ॐ ह्लीं मातसे मनसे ह्लीं नमः

हर मनुष्य की कोई ना कोई कामनाएं जरूर होती है जिसे वह पूरी करने के लिए कड़ी कोशिशें और मेहनत करता है पर कई बार हमारी बुरी किस्मत या ग्रह दोषों की वजह से हमारी कामना पूरी नहीं हो पाती है ऐसी स्थिति में समस्त कामना सिद्धि शाबर मंत्र काफी उपयोगी साबित होते हैं। वस्तुतः ग्रामीण शाबर मंत्र अपने आप में अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रभाव युक्त हैं उच्चाटन आदि में तो शाबर मंत्र का आश्चर्यजनक प्रभाव देखा जा सकता है पर व्यापार, आर्थिक स्थिति या कामना सिद्धि के लिए भी शाबर मंत्र अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि साधक विश्वास एवं आस्था लेकर शाबर मंत्रों की साधना करें तो वह पूर्ण सफलता निश्चित रूप से पा सकता है।

समस्त कामना सिद्धि मंत्र से साधक की हर उचित कामना पूर्ण होती है और उसे जीवन में अपार सफलता भी प्राप्त होते हैं सकती है. इस मंत्र को सिद्ध करने के लिए होलिका दहन की रात्रि को काले वस्त्र धारण करके होलिका दहन कि जगह पर पूर्व की ओर मुख करके बैठ जाएं और 100000 बार इस मंत्र का जाप करें,, मंत्र जाप समाप्त होने के बाद तालाब में जाकर स्नान करें और दूसरे दिन अपनी क्षमता के अनुसार गरीबों को भोजन कराएं. इस प्रकार से इस मंत्र में सिद्धि हासिल होती है जिसके बाद मनुष्य की हर उचित कामना पूर्ण होती है।

व्यापार वृद्धि कारक मंत्र

व्यापार वृद्धि कारक मंत्र

॥ॐ हनुमंत वीर रखो हद थीर,
करो यह काम, बड़े मोर व्यापार,
तंतर दूर हो, घृणा टूटे, ग्राहक बड़े,
कारज सिद्ध होए, ना होए तो अंजनी की दुहाई॥

यदि आपका व्यापार ठीक ढंग से नहीं चल रहा हो और उस में बाधाएं आ रही हो या आपके व्यापार को किसी दुश्मन ने बांध दिया हो या उन पर कोई तांत्रिक प्रयोग कर दिया हो अथवा दुकान पर ग्राहक नहीं आ रहे हो और आपकी आमदनी बहुत कम हो गई हो तो होली की रात्रि को यह प्रयोग किया जाता है।

सबसे पहले अपने सामने एक हाथ लंबा सूती लाल कपड़ा बिछा दें और इस पर काले तिल की बेरी बना दें और उस पर एक दिया जला दें, अब इस दिए में किसी भी प्रकार का तेल भरा जा सकता है फिर इस दीपक के सामने 07 लॉन्ग, 7 इलायची और 07 लाल मिर्च रख दें और दीपक के तेल में एक सियार सिंगी डाल दें जो कि तेल में डूबी ही रहे।

इसके बाद साधक इस दीपक के सामने हाथ जोड़कर प्रार्थना करें कि यदि किसी ने मेरा व्यापार बांध दिया हो तो वह दूर हो जाए और वापस व्यापार दिन दुगनी रात चौगुनी फैलने लगे. इसके बाद साधक वहीं पर बैठकर नीचे दिए गए मंत्र का 5001 बार जाप करें।

मंत्र जाप समाप्त होने के बाद दिए को बुझा दें और उस दिए में से सियार सिंगी तेल अथवा अन्य वस्तुओं को एक कपड़े में रखकर पोटली बांधे और उसे किसी चौराहे पर रख कर आ जाए। इस पोटली को चौराहे पर आकर आने के बाद घर आकर अच्छे से हाथ पैर धो लें या स्नान कर ले। ऐसा करने पर व्यापार संबंधी बाधाएं अथवा दोष दूर हो जाता है और दूसरे दिन से ही व्यापार में उन्नति का अनुभव होने लगता है.

काली साधना का ग्रामीण शाबर मंत्र

काली साधना का ग्रामीण शाबर मंत्र

जीवन में आने वाली किसी भी समस्या, तंत्र मंत्र या ऊपरी बाधा के लिए इस साधना का उपयोग किया जाता है। ग्रामीण शाबर मंत्र साधना के उपयोग से साधक के आसपास मां काली की कृपा से सुरक्षा घेरा बना रहता है जिससे उस साधक के ऊपर किसी भी प्रकार की ऊपरी बाधा या तंत्र मंत्र का असर नहीं होता है।

इस साधना को करने के लिए सर्वप्रथम अपने घर के पूजा ग्रह या किसी एकांत स्थान पर मां काली के चित्र को स्थापित करें और विधिवत उनकी पूजा-अर्चना और धूप अगरबत्ती लोबान, लाल पुष्प से उनकी आरती करने के बाद उनके सामने लाल वस्त्र और लाल रंग का आसन लगाकर बैठे और इस मंत्र का सवा लाख जाप करें. ऐसा करने से यह मंत्र सिद्ध हो जाता है और साधक को इस मंत्र में सिद्धि हासिल हो जाती है।

फिर जब कभी भी इस मंत्र की आवश्यकता हो तो चारों दिशाओं में घूम कर एक एक बार इस मंत्र को बोले और चार बार चारों दिशाओं में ताली बजा देने से साधक के आसपास सुरक्षा घेरा का निर्माण होता है जिससे उस पर किसी भी प्रकार का तंत्र मंत्र का असर नहीं होता है।

मां जगदंबा ग्रामीण शाबर मंत्र साधना

मां जगदंबा

यह अत्यंत दिव्य और चमत्कारी जगदंबा शाबर मंत्र है और जो भी साधक इस मंत्र में सिद्धि हासिल कर लेता है उसके हर कार्य में मां जगदंबा स्वयं सहायक बनी रहती हैं जिससे उसके जीवन में हमेशा मां के आशीर्वाद से प्रगति और उन्नति बनी रहता है।

इस साधना में सिद्धि हासिल करना काफी जटिल है इसलिए हमारा विनम्र निवेदन है कि जब तक साधक के अंदर दृढ़ संकल्प और सच्चा उद्देश्य ना हो तब तक इस साधना को ना करें। इस साधना की पूर्ति हेतु मां जगदंबा की मूर्ति या उनके चित्र के आगे सर्वप्रथम दीप जलाएं और धूप अगरबत्ती से मां जगदंबा की आरती करें और उनके सामने बैठकर इस मंत्र का 100000 बार जप करें, मंत्र जाप समाप्त होने के बाद मंत्र जाप में उपयोग किए गए वस्तुओं को स्वच्छ पानी में प्रवाह कर दें और उसके बाद मां जगदंबा के मंदिर जाकर 11 श्रीफल उनके चरणों में अर्पित करें।

फिर जब कभी भी किसी कार्य को संपूर्ण करने के लिए साधक को मां जगदंबा की सहायता की आवश्यकता हो तो आंखें बंद कर कर केवल 11 बार इस मंत्र का उच्चारण करें और उस कार्य को करने के लिए प्रस्थान करें, मां जगदंबा के आशीर्वाद से उस कार्य में आपको असीम सफलता प्राप्त होगी। इस साधना का सर्वोच्च फल प्राप्त करने के लिए नियमित रूप से पूजा करने के बाद अपने पूजा घर में इस मंत्र का प्रतिदिन एक माला अवश्य जाप करें जिससे मां जगदंबा की कृपा आप पर हमेशा बनी रहे।

अन्नपूर्णा शाबर मंत्र

ॐ नमो आदेश की श्री गुरु गजानन बीर बसे मसाऊ अब जो शुद्धि का वरदान जो जो मांगू तो कान पांच लड्डू सिर सिंदूर हटा बाटका, माटी मसान की सब रिद्धि सिद्धि हमारे पास पठेस शब्द सांचा फुर्रो मंत्र ईश्वरों वाचा।

अन्नपूर्णा शाबर मंत्र की साधना किसी भी दिन की जा सकती है पर इसकी साधना अगर दीवाली की रात्रि की जाए तो अत्यधिक शुभ फल प्राप्त होते हैं. साधना करने के लिए अपने घर में मोतीचूर के छह लड्डू माता अन्नपूर्णा के आगे रखें और सफेद रंग के आसन पर विराजमान होकर अन्नपूर्णा शाबर मंत्र का 1000 जाप करें। मंत्र जाप समाप्त होने के बाद 6 में से चार लड्डू को निकालकर कुएं में वरुण देवता को अर्पित कर दें और शेष बचे दो लड्डू को तांबे के लोटे में डालकर उसमें जल भर ले और इस जल से पूरे घर में छिड़काव करें।

पूरे घर में जल का छिड़काव करने के बाद शेष बचे दो लड्डुओं को दक्षिण दिशा की ओर फेंक दे। इस विधि को करने से साधक अन्नपूर्णा मंत्र में सिद्धि हासिल कर लेता है और फिर उसके घर में कभी भी अन्न की कमी नहीं होती है।

साधक को एक बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि मंत्र में सिद्धि हासिल करने के बाद भी सप्ताह में एक बार एक माला अन्नपूर्णा मंत्र का जाप अवश्य करें जिससे घर में अन्न और धन्य धान्य की कभी कमी ना हो।

निष्कर्ष

अति प्राचीन शाबर मंत्र और ग्रामीण शाबर मंत्र की साधना एक विशेष प्रकार की शक्ति होती है जिसमें जो जातक सफलता प्राप्त कर लेता है वह अपने जीवन में आने वाले कई सारी समस्याओं का समापन आसानी से कर सकता है और यही एक वजह है कि आजकल कई तांत्रिक और अघोरी वैदिक या तांत्रिक मंत्र के अलावा शाबर मंत्र का उपयोग अधिक करते हैं क्योंकि शाबर मंत्र का असर कभी विफल नहीं होता और दृढ़ संकल्प से किए गए साबर मंत्र की साधना हमेशा सफल होती है।

साबर मंत्र की रचना श्री गुरु गोरखनाथ द्वारा की गई थी जिन्हें सिद्ध साधक की श्रेणी में माना जाता है। सिर्फ शाबर मंत्र की साधना ही एक ऐसी साधना है जिसमें बिना गुरु या किसी विधि विधान के भी साधक साधना को संपन्न कर सकता है क्योंकि इस साधना में सिर्फ दृढ़ संकल्प और सच्चा उद्देश्य ही मायने रखते हैं। शाबर मंत्रों के उपयोग से सिर्फ उच्चाटन मारण या बीमारियों का इलाज भी करना मुमकिन है।

आज हमने जो अति प्राचीन ग्रामीण शाबर मंत्र की जानकारी आपके साथ साझा की है अगर इसमें आपको कोई शंका है तो निसंकोच हो कर हमसे संपर्क करें और अपनी सारी शंकाएं हमारे साथ साझा करके अपनी शंकाओं को दूर करके साधना में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

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