Ganesh mantra in hindi for money, success & removing obstacles

धन और सफलता पाने के लिए Ganesh mantra in hindi

Ganesh Mantra in Hindi
Shri Ganesh

कौन है भगवान गणेश

गणेश जी भगवान श्री भोलेनाथ और देवी पार्वती के पुत्र हैं। गणेश जी का वाहन डिंक नामक एक मूषक है। हमारे ज्योतिष शास्त्रों में गणेश जी को केतु ग्रह का देवता माना जाता है और इस संसार में जो भी साधन है श्री गणेश उसके स्वामी है। (Ganesh mantra in hindi)

भगवान श्री गणेश शिव जी के परिवार में जेष्ठ पुत्र हैं। भोलेनाथ के परिवार का प्रत्येक सदस्य एवं उनसे जुड़े वाहन भले ही एक दूसरे से विपरीत हो किंतु वे सभी प्रेम के धागे से आपस में बंधे हुए हैं। जैसे कि भगवान भोलेनाथ के पुत्र कार्तिकेय का वाहन मयूर है परंतु भोलेनाथ के गले में सर्प का वास होता है और देखा जाए तो स्वभाव से मयूर और सर्प दोनों ही आपस में दुश्मन है।

वहीं दूसरी तरफ भगवान श्री गणेश का वाहन चूहा है जबकि सांप मूषक भक्षी जीव है। गणेश जी की मां देवी पार्वती तो स्वयं शक्ति का प्रतीक है जिनका वाहन शेर है पर शिव जी का वाहन तो नंदी बैल है परंतु इतनी शत्रुता और अभिनेताओं और ऊंच-नीच जीव स्तरों के बावजूद भोलेनाथ का परिवार शांति के साथ कैलाश पर्वत पर प्रसन्नता पूर्वक वास करता है।

गणेश जी की जन्म कथा

हमारे हिंदू पुराणों में गणेश जी की जन्म की कथा अलग-अलग व्यक्त की गई है परंतु सर्व मान्यता के अनुसार गणेश जी को देवी पार्वती जी ने एक दूर्वा से बनाकर स्वयं के पहरे के लिए रखा था। पौराणिक कथाओं के अनुसार गणेश जी को द्वार पर बैठाकर देवी पार्वती स्नान करने चली गई थी, तभी अचानक वहां पर भगवान श्री भोलेनाथ आए और देवी पार्वती के भवन में प्रवेश करने लगे तो भगवान श्री गणेश ने भोलेनाथ को भवन में प्रवेश करने से रोका तो भोलेनाथ क्रोधित हो उठे और उन्होंने गणेश जी का सर काट दिया इस घटना से देवी पार्वती अत्यधिक क्रोधित हुई थी तब भगवान श्री भोलेनाथ ने देवी पार्वती का क्रोध शांत करने के लिए एक हाथी का सर भगवान श्री गणेश पर लगाया और उन्हें फिर से जीवित किया।

Ganesh Mantra in Hindi

गणेश जी के अवतार

इस धरती पर गणेश जी ने अधर्म का नाश करने के लिए हर युग में समय-समय पर कई अवतार लिए हैं उनके इन्हीं अवतारों के ही अनुसार उनकी पूजा की जाती है हमारे पौराणिक पुराणों के अनुसार इस धरती के हर युग में आसुरी शक्ति का नाश करने के लिए श्री गणेश ने आठ अलग-अलग अवतार लिए हैं, यह आठों अवतार मनुष्य के आठ प्रकार के दोषों को दूर करते हैं और वह दोष हैं क्रोध, मद, लोग, काम, अज्ञान, अहंकार, ईर्ष्या, मोह तो आइये यह जान लेते हैं वह कौन कौन से अवतार हैं जो श्री गणेश ने लिए थे –

1. वक्रतुंड

2. एकदंत

3. महोदर

4. विकट

5. गजानन

6. लंबोदर

7. विघ्नराज

8. धूम्रवर्ण

गणेश जी के मंत्र

मंत्रों में बड़ी ताकत होती है मंत्र एक ऐसा सरल रास्ता है जिसके सहारे भक्त अपने इष्ट देव की पूजा अर्चना और प्रार्थना करता है और अपना प्रेम व्यक्त करता है। हर देवी देवताओं के अलग-अलग मंत्र होते हैं जिनसे उनकी पूजा-अर्चना की जाती है उसी प्रकार से श्री गणेश के भी कई दिव्य मंत्र हैं। मनुष्य के सभी विघ्नों को हरने वाले रिद्धि सिद्धि को प्रदान करने वाले श्री गणेश देवों में सबसे पहले पूजा जाते हैं

भगवान श्री गणेश की आराधना मात्र से घर में धन की वृद्धि होने लगती है शुद्ध बुद्धि का की विकास होता है और सभी प्रकार के ऐश्वर्य सुख प्राप्त होते हैं, तो आइए जान लेते हैं वह कौन से ऐसे गणेश मंत्र / Ganesh mantra in hindi हैं जिनका उपयोग करके आप अपना जीवन सफल बना सकते हैं और अपने जीवन में आने वाली हर पीड़ा को दूर कर सकते हैं।

Ganesh Mantra in Hindi

1. गणेश स्तुति मंत्र –

गजाननं भूतगणादि सेवितं
कपित्थ जम्बूफलसार भक्षितम्
उमासुतं शोक विनाशकारणं
नमामि विघ्नेश्वर पादपङ्कजम् ॥

2. भगवान श्री गणेश जी के आव्हान के लिए इस मंत्र का प्रयोग करे : –

वक्रतुण्ड महाकाय कोटिसूर्य समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरू मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा।।

3. सर्वविघ्न दूर करने हेतु गणेश मंत्र –

|| ॐ गं गानापत्ये सर्वविघ्न हराय सर्वाय सर्वागुरुवे लंबोदराय ह्रीम गं नमः ||

यह मंत्र / Ganesh mantra in hindi उन लोगों के लिए काफी फायदेमंद है जो किसी कोर्ट कचहरी के मुकदमे में फंसे हैं या उन्हें किसी शत्रु का भय है। इस मंत्र को बुधवार के दिन संध्या काल में 6:00 से 8:00 के बीच में जप करने से आपकी कोर्ट कचहरी के मुकदमें या कोई भी शत्रु पीड़ा से बहुत जल्द छुटकारा मिल जाएगा। हर बुधवार शाम 6:00 से 8:00 के बीच में शुद्ध होकर इस मंत्र का 108 बार जप करें ऐसा 11 बुधवार तक करें इसके शुभ परिणाम आपको तुरंत दिखेंगे।

Ganesh ji

4. भगवान गणेश का मूल मंत्र (गणेश बीज मंत्र)

॥ ऊँ गं गणपतये नमः॥

यह एक ऐसा शक्तिशाली और दिव्य मंत्र / Ganesh mantra in hindi है कि अगर जो भी व्यक्ति इसका नियमित उच्चारण करता है उसके जीवन से सभी कष्ट दूर होने लगते हैं इस मंत्र की एक माला हर रोज पूजा के बाद आप जप कर सकते हैं।या फिर अगर आप अपने कोई भी इष्ट देव की प्रधान मंत्र साधना करते हैं तो उसे करने से पहले भगवान श्री गणेश का आवाहन मंत्र का एक माला जप अवश्य करें।

Bhagwan Ganesh

5. गणेश जी को प्रसन्न करने हेतु मंत्र (गणेश गायत्री मंत्र)

|| ऊँ एकदन्ताय विहे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्तिः प्रचोदयात् ||

यदि आप चाहते हैं कि देवों के देव श्री गणेश जी की कृपा आप पर और आपके परिवार पर हमेशा बनी रहे और वह हमेशा आपसे प्रसन्न रहें तो हर रोज अपने पूजा पाठ करने से पहले इस गणेश गायत्री मंत्र का जाप करें

6. उत्तम संतान प्राप्ति हेतु गणेश मंत्र

।। ऊँ गं गणपतये पुत्र वरदाय नमः ।।

इस मंत्र का नियमित रूप से जप करने से उत्तम संतान की प्राप्ति होती है।

यह भी पढ़े –

बगलामुखी बीज मंत्र से करो हर मनोकामना पूरी

वशीकरण तिलक का सरल और सफल मंत्र

इस मंत्र से बरसेगी शनि देव की कृपा, बदलेगा भाग्य

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अपनी समस्या का समाधान चाहते है ?

वशीकरण या जीवन की किसी भी समस्या के तांत्रिक समाधान के लिए संपर्क करे तांत्रिक त्रिलोक काल्टा महाराज से 9894632287 पर और पाइये हर समस्या का समाधान.